Sunday, 22 September 2013
'हम सिर्फ गैर मुसलमानों को मारने आए हैं'
नैरोबी. केन्या की राजधानी नैरोबी में हुए मुंबई जैसे हमले में अब तक 68 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें 7 भारतीयों के भी मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि जिस मॉल पर हमला हुआ है, उसे एक भारतीय कॉन्ट्रेक्टर ने बनाया था। हमले के दो दिन बाद मॉल को आतंकियों के कब्जे नहीं छुड़ाया जा सका और करीब 10 लोग अब भी आतंकियों के कब्जे में हैं। नैरोबी के शॉपिंग मॉल वेस्टगेट पर हमले की जिम्मेदारी अलकायदा के सहयोगी संगठन अल-शबाब ने ली है। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने लोगों को मारने से पहले उनका धर्म पूछा और फिर चुन चुनकर उनकी हत्या की।
चश्मदीदों के मुताबिक दस से ज्यादा आतंकियों ने मॉल में घुसते ही कहा, 'मुसलमान एक तरफ हो जाओ, हम सिर्फ गैर मुसलमानों को मारने आए हैं।' उसके बाद उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग की। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने हमलावरों के पास एके 47 तथा कई हथगोले देखे। हमलावरों ने कई लोगों को बंधक बना लिया जिन्हें छुड़वाने की कोशिशें जारी हैं।
मॉल को आतंकियों के कब्जे से छुड़ाने के लिये इजरायली कमांडोज की मदद ली जा रही है।
दो मंजिलें अब भी आतंकियों के कब्जे में
चार मंजिला इमारत की दो मंजिलें अब भी आतंकियों के कब्जे में हैं। हमले में सात भारतीयों समेत 68 लोग मारे जा चुके हैं। करीब 200 से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें दो गुजराती रितिक पटेल (14) और जिगिशा सोमानी (40) भी हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केन्या के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस घटना की निंदा की है। वहां सैनिकों और आतंकियों के बीच रविवार को गोलीबारी जारी रही। इस बीच एक हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मरने वालों में केन्याई राष्ट्रपति का भांजा और उसकी मंगेतर, दो राजनयिक भी शामिल हैं।
पेशावर में एक चर्च में आत्मघाती बम धमाके
पाकिस्तान के पेशावर में एक चर्च में भीषण आत्मघाती बम धमाके हुए हैं। इस घटना में मरने वालों की तादाद बढ़कर 60 हो गई है। बम धमाके में 120 से अधिक लोगों के जख्मी होने की भी खबर है। इनमें कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। बम धमाके के शिकार लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हमलावरों में से एक का सिर चर्च के पास स्थित एक बिल्डिंग की छत से बरामद हुआ है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक रविवार को शहर में कोहाटी गेट के समीप स्थित सेंट जोंस चर्च के अहाते में घुसे दो आत्मघाती हमलावरों ने बम विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया। यह हमला उस वक्त हुआ जब 'संडे प्रेयर' खत्म होने पर लोग चर्च से बाहर निकलने की तैयारी में थे। स्थानीय डिप्टी कमिश्नर ने एक टीवी चैनल को बताया कि घटना के वक्त चर्च परिसर के भीतर करीब 600 लोग मौजूद थे। एक बम मोटरसाइकिल से बांधकर रखा गया था। बताया जा रहा है कि धमाके इतने जबरदस्त थे कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूटकर चकनाचूर हो गईं।
शहर में इमरजेंसी लगा दिया गया है। बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया है। सुरक्षाकर्मियों ने इलाको को पूरी तरह घेर लिया है। घायलों को एम्बुलेंस और निजी वाहनों के जरिये लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि इस अस्पताल में इस तरह की बड़ी घटना के बाद मरीजों को संभालने के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं फिर भी रविवार की वजह से छुट्टी पर गए सीनियर डॉक्टरों और नर्सों को ड्यूटी पर बुलाया गया है।
Saturday, 21 September 2013
Friday, 20 September 2013
Thursday, 19 September 2013
अब पूर्व जनरल को फंसाने की कोशिश?
नई दिल्ली। सेना ने रक्षा मंत्रालय से जनरल वीके सिंह द्वारा बनाई गई गुप्त खुफिया इकाई के क्रियाकलापों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने का आग्रह किया है। सेना को संदेह है कि इस इकाई ने ‘अनाधिकृत क्रियाकलाप’ और वित्तीय गड़बड़ियां कीं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक सेना को संदेह है कि इस इकाई ने जम्मू-कश्मीर सरकार का तख्ता पलटने और बिक्रम सिंह को रोकने की कोशिश की थी।
सूत्रों ने यहां कहा कि रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की अवैध तरीके से फोन टैपिंग करने के आरोपी तकनीकी सहायता विभाग के बारे में सेना की रिपोर्ट हाल में रक्षा मंत्रालय को सौंपी गई है और रिपोर्ट में इस इकाई के क्रियाकलापों की जांच की सिफारिश की है।
संपर्क किये जाने पर सेना मुख्यालय ने कहा कि उनकी ओर से मामला बंद है और वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।
सूत्रों ने यहां कहा कि रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की अवैध तरीके से फोन टैपिंग करने के आरोपी तकनीकी सहायता विभाग के बारे में सेना की रिपोर्ट हाल में रक्षा मंत्रालय को सौंपी गई है और रिपोर्ट में इस इकाई के क्रियाकलापों की जांच की सिफारिश की है।
संपर्क किये जाने पर सेना मुख्यालय ने कहा कि उनकी ओर से मामला बंद है और वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।
यह रिपोर्ट जनरल बिक्रम सिंह द्वारा इस शीर्ष खुफिया इकाई के क्रियाकलापों की समीक्षा के लिए गठित अधिकारी बोर्ड (बीओओ) की ओर से सैन्य अभियान के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने तैयार की।
इन खबरों पर जनरल वीके सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से आपसी झगड़ा है क्योंकि कुछ लोग मेरे द्वारा देश के पूर्व सैनिकों के हितों के लिए नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने से सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।
उनहोंने कहा कि अगर किसी ने इस इकाई के क्रियाकलापों की जांच की सिफारिश की है तो वह व्यक्ति अनावश्यक रूप से बात कर रहा है क्योंकि यह अभियान गुप्त रखने के लिए था।
कहा जा रहा है कि भाटिया नीत समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि इस समिति ने कथित रूप से ‘अनधिकृत क्रियाकलाप’ किया।
इन खबरों पर जनरल वीके सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से आपसी झगड़ा है क्योंकि कुछ लोग मेरे द्वारा देश के पूर्व सैनिकों के हितों के लिए नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने से सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।
उनहोंने कहा कि अगर किसी ने इस इकाई के क्रियाकलापों की जांच की सिफारिश की है तो वह व्यक्ति अनावश्यक रूप से बात कर रहा है क्योंकि यह अभियान गुप्त रखने के लिए था।
कहा जा रहा है कि भाटिया नीत समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि इस समिति ने कथित रूप से ‘अनधिकृत क्रियाकलाप’ किया।
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